Friday, 12 June 2009

बहुत तनहा था जालिम इस बेरहम दुनिया में ;
तुने जिंदगी में आकर इसे और तनहा कर दिया;

नितिन अगरवाल

7 comments:

  1. हिंदी ब्लॉग की दुनिया में आपका स्वागत है.....

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  2. स्वागत है.शुभकामनायें.

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  3. lajawaab sher........... Swagat hai aapka.likhte rahen

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  4. स्वागत है.शुभकामनायें.

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  5. आप की रचना प्रशंसा के योग्य है . आशा है आप अपने विचारो से हिंदी जगत को बहुत आगे ले जायंगे
    लिखते रहिये
    चिटठा जगत मैं आप का स्वागत है
    गार्गी

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