Monday, 13 April 2009

ऐ मौत तुझसे सिर्फ़ मेरा एक सवाल ,
दूर करती है तू कष्ट हजार ,
फ़िर क्यों आती है बस एक बार ,
बन जाती क्यों नही दोस्त हमारी ,
बाटेंगे गम अपने बारी -बारी ,
जी के तो देख जरा इस दुनिया में,
तब तो पता लगेगी तुझे जरुरत तुम्हारी ,
घुट -घुट के जीता है यहाँ आदमी ऐसे,
सागर में डूबता हुआ जहाज हो जैसे ,
जियेगी जिंदगी तो जिंदगी से डर जायेगी ,
मांगेगी बस यही दुआ ऐ मौत यह मौत मुझे कब आयेगी
written by nitin agarwal

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